अब सोचना यह है कि हम सभी किनमेआते है……!

एक गाँव में आग लगी।
सभी लोग उसको बुझाने में लगे हुए थे।
वहीँ एक चिड़िया अपनी चोंच में
पानी भरती और
आग में डालती। फिर भारती और फिर
आग में डालती। एक कौवा डाल पर बैठा उस
चिड़िया को देख
रहा था।
कौवा चिड़िया से बोला,
“अरे पागल तू कितनी भी मेहनत कर
ले, तेरे बुझाने से ये आग नहीं बुझेगी।” उस पर चिड़िया विनम्रता से बोली,
“मुझे पता है मेरे बुझाने से ये आग
नहीं बुझेगी।
लेकिन जब भी इस आग का ज़िक्र
होगा, तो मेरी गिनती बुझाने वालों में और
तेरी गिनती तमाशा देखने वालों में होगी।”
अब सोचना यह है कि हम सभी किनमे
आते है……

दोस्तो पता नही कुछ अलगसी खुशी होती हैकिसी की हैल्प करके है ना?

कानपुर रेलवे स्टेशन पे गाड़ी जैसे
रुकी मैनें अपना बैग उठाया और निचे
उतरा.अभी बाहर जाने का रास्ता देख
रहा था कि देखा कुछ लोगो की भीड़ ने
एक आदमी को घेर रखा है.सोचा चलो देख
लेते है क्या माजरा है?मै भीड़ को चीरते हुऐ
आगे आया तो देखा एक अधेड़ उम्र
का आदमी पब्लिक कुर्सी पे बेहोश
सा पड़ा था.पुछने पे
पता चला कि जो पिछली गाड़ी गई है ये
उसके चालू डिब्बे मे बैठा सफर कर रहा था. अचानक हालत
खराब हो गई तो साथ के मुसाफिरो ने
यहा उतार दिया उन्होने
कहा था एक तो गाड़ी मे भीड़ बहुत है
उपर से ये गर्मी कही और हालत
खराब ना हो जाऐ तो ये सोच के उन्होने यहां उतार दिया.मैने सबसे
पहले पानी की बोतल
निकाली अपनी उसके मुँह पे छिटे मारे
ओर थोड़ा पानी पीलाया.एक अखबार से
उसको हवा डुलाई ओर बात करने
की कोशीश करने लगा.थोड़ा होश आने पे मैने पुछा कहा जाना है
भईया तो वो बोला बेटी की शादी है..
घर जाना है मैने कहा घर कहा है
तो वो नही बोला मैने सोचा इसे घर कैसे
पहुँचाया जाए
तो बाकी लोगो की मदद से मैने उसके बैग से टिकट निकाला वो अमृतसर
का था उसके मोबाइल से उसके घर
का नंबर लिकाल लिया .टिकट
उसकी जेब मे रखा ओर
पानी की बोतल ले के अमृतसर
वाली गाड़ी मे बिठा दिया.उधर उसके घर वालो को फोन करके बता दिया की वो उस
गाड़ी मे आ रहे है आप खुद लेने पहुँच
जाना उनकी हालत ठीक
नही है.बस मै अपने घर पहुचा अगले दिन
उसी आदमी का फोन आया धन्यवाद
किया ओर अपनी बेटी की शादी मे
बुलाया ताकि अपने घर वालो से
मिला सके.
दोस्तो पता नही कुछ अलग
सी खुशी होती है
किसी की हैल्प करके है ना?

‘शराब पीना ही सबसे बड़ा पाप है’

पुरानी जमाने की बात है। एक राजा था।
वह कहा करता था कि माँस खाना,
व्यभिचार करना, झूठ बोलना,
हिंसा करना सभी पाप हैं। लेकिन वह
मद्यपान
को पाप नहीं मानता था। एक बार रात्रि के समय एक पंडित ने उसे
मार्गदर्शन देने के लिए
बुलाया।
उसके सामने माँस से बने
व्यंजनों की थाली रखी गयी।
पंडित ने कहा- ‘इसे खाओ।’ राजा ने यह कहकर उसे खाने से
इन्कार कर दिया कि यह पाप है।
फिर उसके सामने एक
बूढ़ा आदमी लाया गया। पंडित ने
राजा से कहा – ‘इसे मार डालो’। राजा ने
मना कर दिया- ‘नहीं, हिंसा करना पाप है।’
फिर उसके सामने एक सुन्दर
लड़की लायी गयी। पंडित ने
राजा से कहा- ‘इसे भोगो।’ राजा ने मना कर
दिया-
‘नहीं, व्यभिचार करना पाप है।’ अब राजा के सामने शराब लायी गयी।
पंडित ने राजा से कहा- ‘इसे पियो।’
राजा ने कहा- ‘हाँ, इसमें कोई
पाप नहीं है।’ यह कहकर वह शराब
को पी गया।
थोड़ी देर में ही उसे नशा चढ़ गया। तब उसकी भूख जागृत हुई। उसकी नजर
माँस के व्यंजनों से भरी थाली पर
पड़ी, तो वह उसे खा गया।
जब उसका पेट भर गया,
तो उसकी कामवासना जागृत
हुई। उसने वासनाभरी नजरों से लड़की की ओर देखा और उस पर
झपटने लगा। लड़की ने शर्माकर बूढ़े
आदमी की ओर इशारा कर दिया। राजा ने
तत्काल तलवार निकालकर उस बूढ़े
का सिर काट दिया। फिर उसने
उस लड़की के साथ संभोग किया। इसके बाद वह
निढाल होकर सो गया।
सुबह जब उसका नशा उतरा, तो उसे
बताया गया कि शराब के नशे में
उसने रात्रि को क्या-क्या कर डाला। यह
जानकर राजा को बहुत पश्चाताप हुआ। उसने कहा- ‘शराब
पीना ही सबसे बड़ा पाप है,
क्योंकि इसके कारण मनुष्य का विवेक
नष्ट हो जाता है और वह
सारे पाप कर सकता है।’
उसी दिन से उसने अपने राज्य में शराब बनाने और
पीने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया और
इसका उल्लंघन
करने वालों के लिए कठोरतम दंड
का प्रावधान किया

विचारों को लेकर मतभेद

मास्टर
जी क्लास में पढ़ा रहे थे ,
तभी पीछे से दो बच्चों के आपस में
झगड़ा करने की आवाज़ आने लगी।
“क्या हुआ तुम लोग इस तरह झगड़ क्यों रहे
हो ? ” , मास्टर जी ने पूछा।
राहुल : सर , अमित अपनी बात को लेकर
अड़ा है और मेरी सुनने को तैयार
ही नहीं है।
अमित : नहीं सर , राहुल जो कह रहा है
वो बिलकुल गलत है इसलिए उसकी बात सुनने
से कोई फायदा नही।
और ऐसा कह कर वे फिर तू-तू मैं-मैं करने
लगे।
मास्टर जी ने उन्हें बीच में रोकते
हुए कहा , ” एक मिनट तुम दोनों यहाँ मेरे पास आ जाओ।
राहुल तुम डेस्क की बाईं और अमित तुम
दाईं
तरफ खड़े हो जाओ। “
इसके बाद मास्टर जी ने कवर्ड से एक
बड़ी सी गेंद निकाली औ र डेस्क के बीचो-बीच रख
दी।
मास्टर जी : राहुल तुम बताओ , ये गेंद किस
रंग की है।
राहुल : जी ये सफ़ेद रंग की है।
मास्टर जी : अमित तुम बताओ ये गेंद किस रंग
की है ?
अमित : जी ये बिलकुल काली है।
दोनों ही अपने जवाब को लेकर
पूरी तरह कॉंफिडेंट थे
की उनका जवाब सही है , और एक बार फिर वे गेंद के रंग को लेकर एक
दुसरे से बहस
करने लगे.
मास्टर जी ने उन्हें शांत कराते हुए कहा , ”
ठहरो , अब तुम दोनों अपने अपने स्थान
बदल लो और फिर बताओ की गेंद किस रंग की है ?”
दोनों ने ऐसा ही किया , पर इस बार उनके
जवाब
भी बदल चुके थे।
राहुल ने गेंद का रंग काला तो अमित ने
सफ़ेद बताया। अब मास्टर जी गंभीर होते हुए
बोले ,” बच्चों , ये गेंद दो रंगो से बनी है और
जिस तरह यह एक जगह से देखने पे
काली और दूसरी जगह से देखने
पर सफ़ेद दिखती है उसी प्रकार
हमारे जीवन में भी हर एक चीज को अलग – अलग दृष्टिकोण से
देखा जा सकता है। ये
ज़रूरी नहीं है
की जिस तरह से आप
किसी चीज को देखते हैं
उसी तरह दूसरा भी उसे देखे….. इसलिए अगर कभी हमारे बीच
विचारों को लेकर मतभेद हो तो ये ना सोचें
की सामने वाला बिलकुल गलत है
बल्कि चीजों को उसके नज़रिये से देखने
और
उसे अपना नजरिया समझाने का प्रयास करें।
तभी आप एक अर्थपूर्ण संवाद कर सकते
हैं। “

Inspiring Stories

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Thanx.
All members.
Aryan’$

Zindgi ka fsana

Zindagi Me Khud Ko Kabhi Kisi
Insaan Ka Aadi Mat Banana
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Kyunki Insaan Bohot Khudgarz Hai..!!
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Jab Apko Pasand Krta Hai To
Apki Burai Bhool Jata Hai.
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Aur Jab Aapse Nafrat Krta Hai Toh
Aapki Acchaai Bhool Jata Hai..!

Dard Dilo ka

Dard dilo k kam ho jate,
main or tum agar hum ho jate
kitne haseen aalm ho jate.
main or tum agar hum ho jate
tere bina na aaye sukoon
na aaye krar . . Mujhe.
Dur wo sare bharm ho jate
main or tum agar hum ho jate
@ $